खुर्जा : 2 / अगस्त / 2026 : बुलंदशहर जिले में हाल ही में हुई दर्दनाक घटना ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल से घर लौट रही 11 वर्षीय छात्रा बारिश के दौरान गहरे नाले में गिर गई थी। चार दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद उसका शव बरामद हुआ। इस घटना ने खुले नालों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
यह मामला सिर्फ एक हादसे तक सीमित नहीं है। जिले में कई स्थानों पर खुले नाले और बदहाल सड़कें लोगों, खासकर स्कूली बच्चों के लिए खतरा बनी हुई हैं। वहीं, स्कूल वाहनों में भी सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी देखने को मिल रही है।
क्षेत्र में संचालित कई स्कूल वैन, विशेषकर मारुति वैन, निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाकर संचालित की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वाहनों में 18 से 20 बच्चों तक को बैठाया जाता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और स्कूल प्रबंधन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बड़े हादसे के बाद कुछ दिनों तक जांच और सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन समय बीतते ही व्यवस्थाएं फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती हैं।
अब सबसे बड़े सवाल ये हैं—
खुले और जानलेवा नालों को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी कदम कब उठाए जाएंगे?
ओवरलोड और अनफिट स्कूल वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी?
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग क्या ठोस कदम उठाएंगे?

फिलहाल यह घटना प्रशासनिक व्यवस्थाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल छोड़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार विभाग इन खामियों को दूर करने के लिए क्या कार्रवाई करते हैं।
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Author: krjnews
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