गाजियाबाद : 7 / अक्टूबर / 2026 : ग्राम कनावनी के किसानों का अपनी जमीन और खसरा-खतौनी में नाम बहाली की मांग को लेकर चल रहा धरना बुधवार को लगातार 55वें दिन भी जारी रहा। किसानों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाए जाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है, जिससे किसानों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है।
किसानों के अनुसार न्यायालय के आदेशों का पालन कराने और अपने अधिकारों की बहाली के लिए कुछ किसानों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मामले में न्यायालय की ओर से अवमानना नोटिस जारी किया गया है।

यह नोटिस गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल, अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन अवनीश कुमार सिंह तथा आवास एवं नियोजक सचिव, लखनऊ, डॉ. बलकार सिंह को जारी हुआ है। इन अधिकारियों को 23 नवंबर 2026 को उच्च न्यायालय के समक्ष पेश होकर मामले में जवाब देना होगा।
उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद किसानों का कहना है कि अब अधिकारियों को न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर स्पष्ट जवाब देना होगा। किसानों ने इसे अपने लंबे संघर्ष की बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई कि न्यायालय की सख्ती के बाद उनकी समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई होगी।
किसानों का कहना है कि न्यायालय ने छह माह के भीतर अवार्ड बनाए जाने अथवा किसानों की जमीन किसानों को वापस किए जाने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार समय सीमा समाप्त हुए करीब डेढ़ से दो माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर देने के लिए तैयार नहीं हैं। जब तक न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए खसरा-खतौनी में किसानों के नाम बहाल नहीं किए जाते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि अब यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्यायालय के आदेशों के सम्मान की भी है। किसान प्रवीण नागर ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी मांग को लेकर डटे हुए हैं।
किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर उनमें गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं और नाम बहाली तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने जल्द न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए खसरा-खतौनी में किसानों के नाम बहाल नहीं किए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
किसानों ने कहा कि आगे की रणनीति किसानों की बैठक में तय की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को अगले चरण तक ले जाया जाएगा। धरना स्थल पर लिखीराम शर्मा, कैलाश नागर, चतर सिंह नागर, मथन सिंह नागर, श्री चन्द नागर, अंतराज कसाना, फतेह सिंह नागर, सतीश नागर, दीपक महाराज सिंह नागर, राजेंद्र नागर, प्रकाश नागर, देवेंद्र नागर, रोहित नागर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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Author: krjnews
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