खुर्जा: सिरेमिक नगरी खुर्जा में नेपाल से आए 10 टेराकोटा कलाकारों के प्रतिनिधिमंडल ने खुर्जा पॉटरी क्लस्टर का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान कलाकारों ने खुर्जा की पारंपरिक पॉटरी कला के साथ-साथ आधुनिक सिरेमिक तकनीकों, डिजाइन प्रक्रिया, कच्चे माल के चयन, फिनिशिंग एवं फायरिंग तकनीकों को नज़दीक से समझा।
अपने भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आर.के. पॉटरी, टाइगर सिरेमिक एवं खुर्जा के विभिन्न सिरेमिक शोरूम का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें व्यावसायिक स्तर पर होने वाले उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं मार्केटिंग की प्रक्रियाओं के बारे में मुकुल सक्सेना, शलभ सिंघानिया एवं ऋतिक अरोरा ने जानकारी दी गई।
इस अवसर पर महामना सिरेमिक डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. एल. के. शर्मा द्वारा संस्था परिसर में एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। अपने संबोधन में डॉ. शर्मा ने टेराकोटा एवं सिरेमिक उद्योग में तकनीकी उन्नयन, नवाचार, डिज़ाइन विकास, उद्यमिता तथा अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
नेपाल से आए कलाकारों ने खुर्जा की पॉटरी परंपरा, तकनीकी दक्षता और संस्थागत सहयोग की सराहना करते हुए इसे अपने देश में लागू करने की इच्छा व्यक्त की। यह भ्रमण भारत-नेपाल के बीच कला, संस्कृति एवं सिरेमिक शिल्प के क्षेत्र में आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा 
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