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गांधी जी के सत्य-अहिंसा और शास्त्री जी की सादगी को जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धा : जिलाधिकार

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हाथरस : 2 / अक्टूबर / 2026 :   राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157वीं जयंती तथा पूर्व प्रधानमंत्री  लाल बहादुर शास्त्री  के 122वें जन्म दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रातः 09 बजे कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर जिलाधिकारी चैम्बर के सामने जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के छवि चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर नमन किया। उपस्थित लोगों ने ‘‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम’’ भजन के माध्यम से राष्ट्रनायकों को याद किया।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने दोनों महान विभूतियों को नमन करते हुए जनपदवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने अपने जीवन एवं कर्मों से जो आदर्श स्थापित किए, उन्हें आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन में सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और अंतिम व्यक्ति के कल्याण का विशेष महत्व था।

गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का सामना किया और व्यक्ति की गरिमा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का अहिंसा एवं सहनशीलता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। किसी विवाद की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ क्षण स्वयं को संयमित रखना कई गंभीर परिस्थितियों को टाल सकता है।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि गांधी जी के प्रसिद्ध भजन ‘‘वैष्णव जन तो तेने कहिए, जे पीर पराई जाणे रे’’ की भावना को जनसेवा में उतारना आवश्यक है।

गांधी जी के स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। ‘‘एक जनपद-एक उत्पाद’’, पीएम विश्वकर्मा योजना तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाजार और रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उद्यमियों और आमजन की आवश्यकताओं को समझते हुए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाने की भावना से कार्य करना चाहिए। गांधी जी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना आज भी प्रासंगिक है।

ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन, पंचायत एवं रोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाने के साथ-साथ तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच स्वच्छ, सुगम और समावेशी शहरों का विकास भी आवश्यक है।

दिव्यांगजन एवं समाज के वंचित वर्गों के लिए सरकारी भवनों, कार्यालयों और सार्वजनिक सुविधाओं को सुगम एवं सुलभ बनाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन से जो संदेश दिया, उसे शासन की योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में प्रभावी रूप से लागू करना ही उनकी सच्ची श्रद्धा होगी। अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें, ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उनके आदर्शों और योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और जनएकता के बल पर ऐसे समय में देश का नेतृत्व किया, जब अंग्रेजी शासन के पास अत्याधुनिक हथियार एवं संसाधन थे।

उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से देशवासियों को एकजुट कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का स्वच्छता एवं अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा का विचार आज भी जनसेवा से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से करते हुए गांधी जी के आदर्शों को व्यवहार में उतारना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने कठिन खाद्य संकट एवं युद्ध की परिस्थितियों में सादगी, नैतिकता और दृढ़ नेतृत्व का परिचय दिया। उनका जीवन ईमानदारी, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।

अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रकाश चन्द्र ने कहा कि गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती महान विभूतियों के विचारों और मूल सिद्धांतों पर चिंतन-मनन करने का अवसर है। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धा होगी।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता एवं भेदभाव-मुक्त समाज के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। गांधी जी के विचारों से प्रेरित होकर अमेरिका में मार्टिन लूथर किंग जूनियर तथा दक्षिण अफ्रीका में नेल्सन मंडेला ने सामाजिक बदलाव के लिए संघर्ष किया।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाना गांधी जी के विचारों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। शास्त्री जी को सादगी, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का प्रतीक बताते हुए उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट शुभेंदु गोपाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी विकास कुमार गौतम, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, सीओ चकबंदी, ओएसडी शीलेन्द्र कुमार, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सचिव, प्रधान सहायक प्रताप चौधरी, सहायक कोषाधिकारी की पुत्री कृतिका जैन सहित उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपना प्रमुख अस्त्र बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देशवासियों को एकजुट किया।

वहीं, लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की मिसाल कायम की। उपस्थित सभी ने उनके आदर्शों को अपने जीवन एवं कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन मोनिका गौतम द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला सूचना अधिकारी, नाजिर सदर तथा कलेक्ट्रेट परिवार के अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

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Author: krjnews

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